प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित भानसोज विकास खंड आरंग, जिला रायपुर
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित भानसोज विकास खंड आरंग, जिला रायपुर
समिति की मूलभूत जानकारी :-
1. स्थापना - 17.03.1959
2. कार्यक्षेत्र केग्राम - 05 (भानसोज, चोरहादीह, बरछा, मालीडीह, करहिडीह)
3. PDS दुकान - 03 (भानसोज, बरछा, मालीडीह)
4. खाद गोदाम - भानसोज (200MT, 50MT)
5. वर्तमान सदस्य संख्या - 2464
6. प्रदत्त अंश पूंजी - 45.16 लाख रूपये
7. रिजर्व निधि - 189.94 लाख रूपये
8. ऋण वितरण - 449.15 लाख रूपये
9. खाद विक्रय - 92.71 लाख रूपये
10. बीज विक्रय - 14.08 लाख रूपये
11. उपभोक्ता सामग्री विक्रय - 7.97 लाख रूपये
12. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी - 83125.2 क्विटल
13. लाभ - 55.60 लाख रूपये
यह सहकार भावना से एकजुट हुए गांव, गरीब और किसानों की कहानी है। यह कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की प्रगति की कहानी है जो कि रायपुर से 40 किमी दूर भानसोज से जुड़ी है। यह कहानी सहकारी समिति भानसोज की है, जिन्होनें शुन्य से शिखर का सफर तय किया है। जब हम 1959 के भानसोज पर निगाह डालते है तब भानसोज इलाके में एक बड़ा गांव था। राजधानी रायपुर से जुड़ा हुआ मंदिर हसौद के आगे दुर्गम रास्ते से तय करते भानसोज पहुंचा जाता था। तब आस-पास के इलाकों में बड़े गांव भानसोज ही था। ग्राम पंचायत भानसोज की आबादी लगभग 3000 हुआ करती थी। वहां 700 किसान परिवार बसते थे। धान की खेती यहां की जीवन रेखा थी। गांव की अर्थव्यव्स्था धान की खेती पर आधारित थी। सिंचाई के साधन नहर और कुंआ था। यहां के किसान अपनी खेतीगत तथा दीगर आवश्यकताओं के लिए साहूकारों पर निर्भर रहते थे। उस समय गांव में साहूकार तथा महाजन थे जिनसे किसान सीधे जुड़े होते थे। कोई वित्तीय संस्था या बैंक दूर-दूर तक नही था। साहूकार अधिक ब्याज पर कर्ज की वसूली किसानों से किया करते थे। किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम कहीं से भी नही मिलता था। आभावों में रहते हुए गांव के किसान सदस्य मिलकर पहली बार नया सहकारी सोसायटी गठन करने की बात सोंची। भानसोज के 50 किसान सदस्यों के द्वारा 500 रूपये शेयर जमा करके सोसायटी का पंजीयन कराया गया। इसी सोंच की परिणिति रहा कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति भानसोज का पंजीयन दिनांक 17.03.1959 को पंजीयन संख्या 1672 के तहत पंजीकृत किया गया। किसान सदस्यों के द्वारा मिलकर एक अध्यक्ष का नियुक्ति किया गया, जो समिति में किसानों की जरूरत जैसे खाद-बीज तथा नगद किसानों को उपलब्ध कराते थे। इस प्रकार समिति भानसोज में अधिक से अधिक संख्या में सदस्य सोसायटी में जुड़ता गया और सोसायटी लाभ की स्थिति में आना चालू हो गया। किसानों के संसाधन व श्रमदान तथा शासन से अनुदान लेकर एक सोसायटी भवन का निर्माण किया गया, जिसमें 50 मिट्रिक टन गोदाम तथा कार्यालय भवन बनाया गया। उस समय समिति प्रबंधक, चपरासी तथा चाकीदार मिलकर किसानों की खेतीगत आवश्यकता को पूर्ति करते थे।
भानसोज समिति का कार्य क्षेत्र 5 ग्रामों में है। भानसोज की समिति अब राज्य के अग्रणी समितियों में है। समिति द्वारा वर्ष भर सदस्यता वृद्धि, ऋण, व्यवसाय वृद्धि के साथ-साथ भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय की 'सहकार से समृद्धि' अंतर्गत दिनांक 18.10.2024 से कामन सर्विस सेंटर के रूप में कार्य कर रही है। भानसोज सोसायटी रायपुर जिले में कामन सर्विस सेंटर के तौर सार्वाधिक व्यवसाय करने वाली समिति है। समिति द्वारा 1.53 लाख रूपये का संव्यवाहर किया गया है। कामन सर्विस सेंटर भानसोज को रायपुर जिले में उत्कृष्ठ सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। समिति द्वारा जन औषधी केन्द्र का संचालन किया जा रहा है। नाबार्ड द्वारा स्थापना दिवस पर दिनांक 12.07.2025 को सेवा सहकारी समिति भानसोज को “सर्वश्रेष्ठ पैक्स – गैर ऋण सेवाएं" के क्षेत्र में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
- भानसोज सोसायटी में अभी सदस्यों की संख्या 2460 है। जिसमें से 884 ऋणी सदस्य है। किसानों की शेयर राशि 45 लाख जमा हैं। किसानों को अल्पकालीन ऋण 449.15 लाख का ऋण वितरण किया गया है। मध्यकालीन ऋण तार घेरा चार किसानों को 2.60 लाख वितरित किया गया है। गौपालन हेतु दो किसानों को 2.27 लाख अनुदान सहित वितरण तथा दीर्घकालीन ऋण 1.80 लाख का वितरण किया गया। किसानों को स्वयं की व्यवसाय करने एवं आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए सी०सी०स्वरोजगार ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। भानसोज समिति में माइको एटीएम का भी संचालन किया जा रहा है।माइको एटीएम के माध्यम से किसानों को राशि रूपये 10 हजार आहरण की सुविधा दी जा रही है।
समिति द्वारा हितग्राहियों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत तीन दुकानों का संचालन किया जा रहा है, जिसमें ग्राम बरछा में 648 सदस्य, ग्राम मालीडीह में 584 तथा भानसोज में 1168 हितग्राही सदस्य लाभान्वित हो रहे है। समिति में 200 मीट्रिक टन तथा 50 मीट्रिक टन का गोदाम है। समिति द्वारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य किया जाता है। इस वर्ष समिति द्वारा 83125.20 क्विंटल धान खरीदी किया गया जिसके लिए 1814.80 लाख रूपये की राशि का भुगतान किया गया है। बचत बैंक के संचालन में भानसोज समिति को पुरस्कृत किया गया।
भानसोज में सहकारिता के जरिये ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुआ। किसान समृद्ध हुए, शोषण तथा गरीबी में मुक्त हुए एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने।